Home समाचार राष्ट्रीय विदेशी भाषा छोडकर अपनी राष्ट्रभाषा का प्रयोग करना चाहिए : हर्षित मिश्र

विदेशी भाषा छोडकर अपनी राष्ट्रभाषा का प्रयोग करना चाहिए : हर्षित मिश्र

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एडम स्मिथ ने लिखा है ,”कि किसी देश में व्यापारियों का शासन कदाचित दुर्भाग्य है उससे छुटकारा पाना कोई आसान बात नहीं ” वही बात सचमुच आज प्रतीत हो रही है  हमारा देश भारत को अग्रंजो से आजादी के बाद भी अंग्रेजी से छुटकारा  अभी तक नहीं मिल पाया है
एक राष्ट्र में जो भाषा चलती है वह आसानी से नहीं प्राप्त होती उसके पीछे करोड़ों लाखों वर्षो का अनुभव होता है उसी से उस भाषा का निर्माण होता है आज हम सभी ऐसे हो गए हैं कि अपने पूर्वजो के लाखों करोड़ों वर्षों के अनुभवो के परिश्रम को बेकार किए जा रह हैे …..
 अब तो समाज दो वर्गों में ही बांट दिया गया एक तो समाज वह बन गया है जो अंग्रेजी से पूर्णतया परिचितम है और दूसरा वह जो अंग्रेजी से परिचित नहीं है  बिना अंग्रेजी से परिचित लोगों को अंग्रेजी से परिचित लोग गवार या गउआ शब्द इस्तेमाल करके बुलाते है ।
 वह यह नहीं जानते कि हम तो अपनी राष्ट्रभाषा को भूल चुके हैं उन्हें यह तो यह ना भूलने दे ।
 साथ ही विदेशी भाषा छोडकर अपनी राष्ट्रभाषा का प्रयोग करना चाहिए। जिससे कि हमारी राष्ट्रभाषा हिंदी को ऊंचा दर्जा मिल सके।
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