Home कुछ हट के मिलिए दुनिया की ऐसी महिला से जिसे कभी नहीं हुआ दर्द,यहां तक कि डिलीवरी के समय भी नहीं

मिलिए दुनिया की ऐसी महिला से जिसे कभी नहीं हुआ दर्द,यहां तक कि डिलीवरी के समय भी नहीं

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नई दिल्ली। चोट लगने या जल कट जाने से जो दर्द का एहसास होता है उससे तो आप बखूबी वाकिफ होंगे लेकिन क्या आपने सुना या देखा है किसी ऐसी महिला को जिसे कभी दर्द न हुआ हो? यहां तक कि प्रसव के दौरान भी उसे दर्द न हुआ हो? निः संदेह आप विश्वास नहीं करेंगे लेकिन यह सच है।

71 साल की जो कैमरॉन को कभी दर्द का एहसास नहीं हुआ। एक औरत के जीवन में मां बनना सबसे अहम घटना होती है। मगर जो को प्रसव के दौरान भी कोई दर्द नहीं हुआ। यहां तक कि डॉक्टरों ने उन्हें बेहोशी की भी कोई दवा नहीं दी।

कैमरॉन कहती हैं, मुझे यह तो महासूस हो रहा था कि मेरे शरीर में कुछ हलचल हो रही है मगर दर्द का एहसास जरा भी नहीं था। बस ऐसा लगा जैसे गुदगुदी हुई हो। कैमरॉन को पूरे शरीर में नहीं कुछ हिस्सों में ही दर्द महसूस होता था। काफी समय तक जो की यह स्थिति डॉक्टरों के लिए पहेली बनी हुई थी। कई बार वह कपड़े प्रेस करते हुए जल जाती थीं और इसका पता उन्हें तब चलता था, जब हाथ से जलने से गंध आती थी। जो को कभी चिंता या डर भी नहीं लगता है।

गुरुवार को द ब्रिटिश जर्नल ऑफ एनेस्थीसिया में प्रकाशित लेख में कैमरॉन की इस स्थिति की असली वजह का पता चला। वैज्ञानिकों का मानना है कि कैमरॉन की इस स्थिति का कारण एक अज्ञात जीन में परिवर्तन है। वह दुनिया के उन दो लोगों में से एक हैं जिन्हें जेनेटिक म्यूटेशन की दुर्लभ बीमारी है।

डॉक्टरों ने दो अहम म्यूटेशन का पता लगाया। दोनों म्यूटेशन दर्द और तनाव को दबा देते हैं। इसके अलावा ये म्यूटेशन खुशी, भुलक्कड़पन को बढ़ावा देते हैं और जख्म जल्दी भरने में मदद करते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि जीन म्यूटेशन की वजह से कैमरन को दर्द का एहसास नहीं होता है। ये जीन दर्द का सिग्नल भेजने, मूड तय करने और याद्दाश्त को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस केस के सामने आने के बाद मेडिकल की दुनिया में क्रोनिक पेन से प्रभावित लोगों के लिए इलाज मिलने की भी संभावना जताई जा रही है।

डॉक्टरों का कहना है कि FAAH-OUT जीन कैमरॉन की इस स्थिति के लिए जिम्मेदार है। विशेषज्ञों का कहना है कि हम सभी के अंदर यह जीन पाया जाता है। लेकिन कैमरॉन के अंदर एक डिलिशन है जोकि जीन के फ्रंट को रिमूव कर देता है। इसकी तब पुष्टि हुई जब कैमरॉन के ब्लड की अतिरिक्त पड़ताल की गई। वैज्ञानिक कैमरॉन के असाधारण रूप से कम चिंता स्तर से भी काफी चिंतित हैं। ऐंगज़ाइअटी डिसऑर्डर क्वेस्चनेर में कैमरॉन ने 21 में से 0 स्कोर किया।

यही नहीं, कैमरॉन को तो यह भी याद नहीं है कि उन्हें कभी डिप्रेशन भी रहा या डर महसूस किया। शोधकर्ताओं ने कहा कि अब वे FAAH-OUT पर फोकस करेंगे और देखेंगे कि यह जीन कैसे काम करता है ताकि वह एक जीन थेरपी या दर्द निवारण तकनीक डिजाइन कर सकें।

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5 साल पहले कुछ ऐसा हुआ जिसके बाद वैज्ञानिकों को लगा कि कैमरॉन की जीन जांच जरूरी है। कैमरॉन अपने पति के साथ स्कॉटलैंड में एक खुशहाल और सामान्य जीवन जी रही थीं। दरअसल स्कॉटलैंड में रह रहीं कैमरॉन ने एक हाथ का ऑपरेशन कराया, मगर डॉक्टर हैरान थे कि उन्हें किसी तरह का दर्द का अनुभव नहीं हो रहा था। वह कोई पेनकिलर भी नहीं लेना चाहती थीं। इसके अलावा 65 साल की उम्र में उनके कूल्हे जवाब देने लगे और उन्हें पता ही नहीं चला कि कब उनके कूल्हे खराब होने लगा।

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